सेवा का उद्देश

सामान्य रूप से सभी लोगों में सहानुभूति एवं समानुभूति पाई ही जाती है| कुछ लोगों में यह अधिक मात्रा में होती है| कुछ इसे एक के प्रति वाणी व व्यवहार तक सिमित न रखकर अधिक तक पहूँचाना चाहते है| इसके लिये वे कोई न कोई संस्था खोल लेते है| दुनिया में ऐसी अनेक गैर सरकारी संस्थायें विभिन्न कारणों के लिये कार्यरत है, जैसे अभावग्रस्त, विकलांग, निराश्रित, स्त्रियों और बच्चों से संबधित इत्यादि के लिये| इस प्रकार की हर छोटी या बड़ी संस्था की समाज को आवश्यकता है, क्यों की हर व्यक्ति में कही न कही कोई एक कमजोरी – आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक आदि होती ही है| उसे एक जरा सा सहारा मिले तो वह किसी भी स्थिति का सामना करने के लिये तैयार हो जाता है| जासकैप संस्था अपने छोटे से कार्यक्रम के द्वारा समाज के प्रति अपने इस दायित्व को निभाने की कोशिश कर रही है| वह सहानुभूति एवं मदद की मशाल आगे ले जाने का प्रयत्न कर रही है जिससे की हर अंधेरे घर में उजाला हो और कैन्सर रोगियों को यह दुनियाँ एक अंधेरी गुफां जैसी न लगकर, प्रकाश – पुंज सी दिखाई दे |
मदर टेरेसा ने एक बार कहा था की “हम इस पृथ्वी पर बहुत बड़ी चीजें न कर पाएँ, तो कोई बात नहीं, छोटे – छोटे प्यार भरे प्रयासों का महत्व भी कम नहीं है| हमारे काम का आकार महत्व नहीं रखता, किंतु हम कितने प्यार से वह काम करते है वही मायने रखता है|” कैन्सर अमीर-गरीब, लिंग, आयु, देश, जाती के आधार पर भेदभाव नहीं करता है| वह किसी भी व्यक्ति को हो सकता है| अमीरों और पढ़े-लिखों के पास पैसा व ज्ञान दोनों ही साधन है| हम जासकैप से जुड़े लोग यह विश्वास करते है की यह हमारी भी जिम्मेदारी है की गरीब एवं कम पढ़े-लिखे लोगों को, जो इस बीमारी के शिकार हुए है, इसका ज्ञान, जरुरी सुविधा व प्यार देकर, उनकी जिंदगी को भी थोडा तनाव रहित कर सकें|
यह बहुत चिंता का विषय है की कैन्सर हिंदुस्तान में, पूरी दुनियाँ में ही बढ़ता जा रहा है और हो सकता है की बहुत जल्द इसकी मृत्युदर दिल की बीमारियों की मृत्युदर से आगे चली जाए| इसलिए हम कैन्सर के बारे में सही ज्ञान सभी भारतीय भाषओं में प्रसारित करना चाहते है, जिससे कम से कम भारत में, इसके शीघ्र निदान और इलाज में मदद मिल सके| आखिरकार किसी भी विषय का ज्ञान बाँटने से ही उसकी रोकथाम में अधिक मदद मिलेगी, न की कुछ कायदे-कानून बनाने से| जासकैप किसी भी प्रकार के कैन्सर के रोगी से संवेदना रखता है, उसको मदद देने के लिये तैयार रहता है और इस उदेश्य के लिये हर समय प्रतिबद्ध रहता है |