हम कौन है?

जासकैप एक गैर सरकारी संगठन है जो कैन्सर के बारे में जानकारी सरल शब्दों में साधारण व्यक्ती को बाटने का उद्देश लेकर शुरू हुआ| हिदुस्तान में कई लोग कैन्सर को एक मौत की सजा मान लेते है| यह सही नहीं है| यदि सही समय में, सही उपचार किया जाय तो कैन्सर से मुक्त हो सकते है| कैन्सर रोगी तथा उनके परिजनों की शिक्षात्मक, आर्थिक, वैचारिक तथा सामाजिक सहायता करने के लिए हम प्रतिबद्ध है|

जासकैप अथक प्रयत्न करता है की उसके द्वारा दी जाने वाली जानकारी सटीक और नवीनतम हो, ताकि कैन्सर के रोगी और उनके परिजन कैन्सर के निदान और इलाज तथा रोकथाम का सही आकलन कर सकें | इस के लिए हम मुंबई में स्थित टाटा मेमोरिअल अस्पताल के अहाते में ही एक पुस्तकों की दुकान चलाते है| विभिन्न प्रकार के कैन्सर और उनके प्रबंधन की जानकारी इन छोटी – छोटी पुस्तिकाओं द्वारा कम कीमत में देने की व्यवस्था करते है| कैन्सर के बारे में ये पुस्तिकाए हम विभिन्न भाषोंओंमें जैसे की अंग्रेजी, हिंदी, मराठी, बंगाली, कन्नड, गुजराती, मलयालम आदि में उपलब्ध कराते है| हमारा प्रयन्न है कि ये और भी अधिक भाषओमें उपलब्ध कराई जा सकें ताकि अधिकाधिक व्यक्ति फायदा ले सकें| इच्छुक व्यक्तियों के लिये ऑडियो – विडियो, सीडी और डीवीडी भी जासकैप में उपलब्ध है|

कैन्सर रोगीयों को उनके निदान और इलाज के लिए जासकैप आर्थिक मदद भी देता है| हम यह मदद टाटा मेमोरिअल अस्पताल के सामाजिक सेवा विभाग के द्वारा मिली सलाह पर रोगी की आवश्यकता को देखते हुए, उपलब्ध कराते है| हमारी आर्थिक सहायता का बड़ा हिस्सा बाल रोगियों को दिया जाता है| इसके अलावा कैन्सर के प्रति जागरूकता फैलाने से संबंधित कार्यक्रमो के लिए भी, जासकैप अपनी आर्थिक सहायता प्रदान करता है|

हमने टाटा मेमोरिअल अस्पताल के पास ६ मई ,२०११ में जासकैप सूचना केंद्र शुरू किया है| इसका उद्देश्य कैन्सर निदान और उसके प्रबंधन की जटिलताओं को कैन्सर रोगियों को समझाना है| यहां पर हम कैन्सर के निदान और इलाज के बारे में जानकारी विविध भाषओं में व्यक्तिगत तौर पर या समूह में देने का प्रयत्न करते है| कैन्सर रोगियों एवं उनके परिजनों को यहां पर जनित तनाव को कम करने के लिए परामर्श भी देते है|